
जेएसएससी-सीजीएल रद्द करने के फैसले के खिलाफ सफल अभ्यर्थियों का फ्लैश मार्च।।
रिपोर्टर/राशीद अंसारी
रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा रद्द किए जाने के सरकार के फैसले के खिलाफ सफल अभ्यर्थियों का विरोध तेज हो गया है। राजधानी रांची में सफल अभ्यर्थियों ने फ्लैश मार्च निकालकर सरकार के निर्णय के खिलाफ नाराजगी जताई और परीक्षा रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन कुछ लोगों की कथित गड़बड़ी की सजा पूरी परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों को देना उचित नहीं है।
“मेहनत से मिली सफलता, अब भविष्य पर संकट”
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास की है। चयन के बाद उन्हें नियुक्ति की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने के फैसले ने उनके सामने नौकरी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता खड़ी कर दी है।
अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा में यदि अनियमितता साबित होती है तो दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए। ईमानदारी से परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की सफलता को रद्द करना उनके साथ अन्याय है।
“दोषियों पर कार्रवाई करें, पूरी परीक्षा रद्द नहीं”
फ्लैश मार्च के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार से दो टूक कहा कि अनियमितता के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सभी सफल अभ्यर्थियों को इसका खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार कर चयनित अभ्यर्थियों के हित में उचित निर्णय लेने की मांग की।
परीक्षा रद्द होने के बाद अब सफल अभ्यर्थियों का आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है। अभ्यर्थियों ने संकेत दिया है कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।







